
ग्राम घानाघाट में हुए हत्या को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्य शैली पर उठाये सवाल

बता दें कुछ दिन पूर्व 31 जुलाई को सुबह जिला मुंगेली के लोरमी ब्लॉक के ग्राम घानाघाट में नाली पर लावारिश हालत में पुलिस को शव मिला था जिसका मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया था जिस पर घटना के कुछ दिन बाद गवाहों के साक्ष्य के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है वहीं गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष अपनी नाराजगी जता कर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा है जिसमें आवेदक ने अपने पुत्र अरुण पटेल के हत्या में और लोगों की संलिप्तता जाहिर की है साथ ही पुलिस की जांच पड़ताल पर संदेह जताया है जिसमें आवेदक ने कहा है कि पुलिस घटना दिनांक से करीब 15 या 16 दिन बाद कार्रवाई क्यों की आवेदक का साफ कहना है कि थाना प्रभारी आरोपी पक्ष को बचाने में लगा है क्योंकि जब भी हम कार्रवाई के बारे में पूछने थाना जाते थे तो थाना प्रभारी द्वारा साफ कह दिया जाता था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तुम्हारा बेटा सामान्य मौत मरा है जबकि लाश को देखने से ही पता चल रहा था कि इसकी हत्या हुई है आखिर थाना प्रभारी जांच में इतना विलंब क्यों किया?
इतना ही नहीं FIR वगैरह की जानकारी मांगने पर प्रभारी द्वारा टाल मटोल किया जाता था आवेदक का कहना है कि पुलिस द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया है वो सरासर गलत है इस बात का कोई सबूत नहीं कि मृतक अरुण पटेल के द्वारा महिला को किसी भी प्रकार का ब्लैकमेलिंग जैसे कोई गलत काम कर रहा हो ब्लैकमेलिंग को निराधार बताते हुए आवेदक ने गवाह के रूप में सरपंच एवं उप सरपंच का भी वहां उपस्थित होना बताया
आवेदक ने बताया कि मृतक अरुण पटेल और आरोपी पक्ष दोनों कमाने खाने बाहर जाया करते थे इसी दौरान दोनों में मधुर संबंध बन गया था जिसके कारण दोनों के बीच पैसे का लेन देन होता रहा पीड़ित पक्ष ने आरोपी पर कई और इल्जाम लगाये हैं जिस पर कार्रवाई करनी अभी बाकी है
आवेदक ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंप कर हत्या की अच्छे से जांच और पुलिस की कार्रवाई को संदेहात्मक का आरोप लगाया है जिसकी निष्पक्ष जांच पड़ताल की मांग की है
अधिकारी का कथन –
आवेदन को संज्ञान में लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला ने आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जायेगी और हत्या में किसी अन्य की संलिप्तता पाई गई तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जायेगा
