मुंगेली/लोरमी |अपनी लंबित मांगों और विभागीय विसंगतियों को लेकर वन कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ संभाग बिलासपुर के आह्वान पर जिला शाखा मुंगेली के वन कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का आगाज कर दिया है। बुधवार को लोरमी और खुड़िया (ATR) परिक्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
स्थानांतरण और लंबित मांगों पर नाराजगी
वन कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में नियमों को ताक पर रखकर स्थानांतरण किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यालयीन स्तर पर उनकी समस्याओं के निराकरण में घोर लापरवाही बरती जा रही है। लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस पहल न होने के कारण संघ को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
तीन चरणों में होगा आंदोलन: यह है शेड्यूल
संघ ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की है:
प्रथम चरण (13 मई): काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए विरोध प्रदर्शन (संपन्न)।
द्वितीय चरण (18 मई):भोजन अवकाश के दौरान मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय बिलासपुर के समक्ष सांकेतिक धरना।
तृतीय चरण (25 मई):एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर संपूर्ण कार्य बंद रखा जाएगा।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ के पदाधिकारियों ने विभागीय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 मई तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं निकाला गया, तो आगामी तिथियों में कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। वन कर्मचारियों ने कहा कि कार्य बंद होने से होने वाले किसी भी विभागीय नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इन क्षेत्रों में दिखा व्यापक असर
आंदोलन के पहले ही दिन लोरमी और खुड़िया एटीआर क्षेत्र में कर्मचारियों की एकजुटता देखने को मिली। क्षेत्र के छोटे-बड़े सभी वन कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर शासन-प्रशासन के प्रति अपना विरोध जताया। कर्मचारियों की इस एकजुटता से आने वाले दिनों में वनों की सुरक्षा और विभागीय कार्यों पर प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
