
नदी किनारे भूमि कटाव से परेशान रहवासियों ने सौंपा ज्ञापन
मुंगेली शहर के बीचों-बीच बहने वाली आगर नदी, जो कभी जीवन की पहचान थी, आज लोगों के लिए मौत का खतरा बनती जा रही है।
आगर नदी के किनारे वर्षों से बसे परिवार आज भय और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर हैं। लगातार हो रहे कटाव ने उनके घरों की नींव हिला दी है और अब हालात ऐसे हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
करीब 150 परिवार सीधे तौर पर इस कटाव से प्रभावित हैं।
पिछले वर्ष इसी नदी कटाव की चपेट में आकर एक घर नदी में समा गया था, जिसमें एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि वर्षों से जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को बार-बार आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इसी लापरवाही के खिलाफ कल सभी पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर मुंगेली से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि नदी किनारे तत्काल पीचिंग कार्य कराया जाए, ताकि उनके घरों और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
पीड़ितों का साफ कहना है—
“हम रोज़ मौत के डर में जी रहे हैं। कब हमारा घर नदी में समा जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।”
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते जागेगा,
या फिर किसी और बड़ी त्रासदी का इंतज़ार किया जाएगा?

