
अपोलो फॉर्मेसी अवैध निर्माण का मामला: हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को नहीं दी अंतरिम राहत, कल तक निरीक्षण रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मुंगेली क्षेत्र के एक भूमि विवाद मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता की अंतरिम राहत की प्रार्थना को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता आवंटित भूमि से अधिक क्षेत्र पर निर्माण के आरोपों का खंडन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ पेश करने में विफल रहा।
मामला क्या है?
सुनवाई के दौरान मुंगेली की तहसीलदार सुश्री रेखा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्री हरि सिंह ठाकुर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। अधिकारियों ने न्यायालय को बताया कि:
याचिकाकर्ता को शीट नंबर 38 बी, प्लॉट नंबर 48/3 के तहत कुल 732 वर्ग फुट भूमि आवंटित की गई थी।
लेकिन याचिकाकर्ता ने आवंटित सीमा से अधिक, कुल 937.50 वर्ग फुट पर निर्माण कर लिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्माण अनुमति से अधिक है, इसलिए वे कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
कोर्ट का आदेश
न्यायमूर्ति कुमार व्यास की पीठ ने मामले पर गौर करते हुए कहा कि क्योंकि याचिकाकर्ता ने यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया है कि उसने अतिरिक्त क्षेत्र का निर्माण नहीं किया है, इसलिए वर्तमान में उसे कोई अंतरिम राहत (Interim Relief) नहीं दी जा सकती।
हालाँकि, कोर्ट ने पारदर्शिता बरतने का निर्देश देते हुए प्रतिवादियों (प्रशासन) से कहा है कि वे कल तक याचिकाकर्ता को सभी निरीक्षण रिपोर्ट (Inspection Report) और अब तक की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराएं।
अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई अब 21 जनवरी 2026 को तय की गई है।

