
केंद्र सरकार के वार्षिक बजट के बाद बढ़ा काला बाज़ारी,
गुटका और सिगरेट के शौकीन हुए परेशान
मुंगेली _केंद्र सरकार द्वारा वार्षिक बजट पेश किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में कुछ वस्तुओं पर काला बाजारी शुरू हो गया है इस अचानक वृद्धि से इन वस्तुओं का उपयोग करने वाले परेशान दिख रहे हैं। बजट में करों और नीतिगत बदलावों की घोषणा के तुरंत बाद कुछ व्यापारियों द्वारा जमाखोरी और काला बाज़ारी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि व्यापारी बजट का हवाला देकर वस्तुओं को ऊँचे दामों पर बेच रहे हैं, जबकि वास्तविक रूप से कीमतें बढ़ने का कोई ठोस कारण नहीं है।

उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि कुछ व्यापारी बजट में संभावित टैक्स या शुल्क बढ़ने की आशंका के नाम पर पहले से ही माल रोककर कृत्रिम अभाव पैदा कर रहे हैं। इससे बाजार में असंतुलन पैदा हो रहा है जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जबकि अधिकारियों का कहना है कि काला बाज़ारी और जमाखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी बीच हमारे मुंगेली में कुछ एजेंसियों के द्वारा राजश्री गुटका व सिगरेट(ITC) की कीमत बढ़ा कर बेचा जा रहा है एजेंसी के द्वारा MRP रेट से ज्यादा कीमत पर बेचने की शिकायत मिल रही है उक्त प्रोडक्ट के एजेंसियों के द्वारा जमाखोरी और ऊंचे कीमत में समान बेचने से छोटे छोटे जो फुटकर व्यापारी हैं उनमें भारी रोष देखने को मिल रहा है राजश्री का पूड़ा जिसका MRP_120 रु है जिसका कीमत बढ़ाकर 160 से 165 में बेच रहे हैं वैसे ही आईटीसी कंपनी के सिगरेट को भी कीमत बढ़ाकर बेचने की शिकायत मिल रही है

वहीं, सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि बजट का उद्देश्य महंगाई को नियंत्रित करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, न कि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालना। सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कहीं भी काला बाज़ारी या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत हो तो संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करें।
बजट के बाद बाजार की स्थिति पर सरकार और प्रशासन की नजर बनी हुई है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और बाजार में पारदर्शिता बनी रहे

