
सहायक संचालक पूर्व जन संपर्क अधिकारी सुजीत सिंह पर 32–35 लाख की अवैध वसूली का आरोप, पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी से भड़का आक्रोश

15 अगस्त के विज्ञापनों के भुगतान को लेकर उठे गंभीर सवाल, पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन—15 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर जताई नाराजगी

मुंगेली// जिला जनसंपर्क विभाग के तत्कालीन सहायक संचालक एवं PRO सुजीत कुमार सिंह के खिलाफ कथित अवैध वसूली, विज्ञापन भुगतान में अनियमितता और पत्रकारों के प्रति कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुंगेली के मीडिया प्रतिनिधियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम मुंगेली कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
मीडिया प्रतिनिधियों का आरोप है कि 15 अगस्त के विज्ञापनों के नाम पर कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों से पत्रकारों को भुगतान दिलाने अथवा ‘मैनेज’ करने की बात कहकर करीब 32 से 35 लाख रुपये की राशि वसूल किए जाने की शिकायत सामने आई है। पत्रकारों के अनुसार इस मामले की जानकारी उस समय सामने आई, जब कुछ मीडिया प्रतिनिधि अपने-अपने विज्ञापनों के भुगतान के संबंध में संबंधित विभागों में पहुंचे।
पत्रकारों का कहना है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि उनके विज्ञापनों का भुगतान सहायक संचालक/जनसंपर्क अधिकारी सुजीत कुमार सिंह द्वारा पहले ही ले जाया जा चुका है। इसके बाद जब मीडिया प्रतिनिधियों ने तत्कालीन PRO सुजीत कुमार सिंह से इस संबंध में संपर्क कर जानकारी मांगी, तो विवाद और गंभीर हो गया।
‘गांजा बेचने वाले’ और ‘50-100 रुपये में बिकने वाले’ जैसे कथित शब्दों पर भड़का आक्रोश
पत्रकारों के मुताबिक, बातचीत के दौरान सुजीत कुमार सिंह ने कथित तौर पर विज्ञापन भुगतान से संबंधित बात स्वीकार करने के साथ ही मुंगेली के पत्रकारों को लेकर ‘गांजा बेचने वाले’ तथा ‘50-100 रुपये में बिकने वाले’ जैसे कथित आपत्तिजनक एवं अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इन कथित टिप्पणियों के सामने आने के बाद पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी गई। मीडिया प्रतिनिधियों का कहना है कि पत्रकारिता के पेशे से जुड़े लोगों के खिलाफ इस प्रकार की कथित टिप्पणी न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि पूरे मीडिया समुदाय की गरिमा पर सवाल खड़ा करती है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
मामले को लेकर मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में भी लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई। पत्रकारों का कहना है कि शिकायत किए हुए करीब 15 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इसी को लेकर सोमवार को मुंगेली के पत्रकारों ने एकजुट होकर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले में शीघ्र उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी।
राशि कहां गई? किसके नाम पर हुई वसूली? जांच से सामने आएगा सच
पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि पत्रकारों के विज्ञापन भुगतान के नाम पर विभागों से राशि ली गई, तो किसके नाम पर राशि प्राप्त की गई, कितनी राशि प्राप्त हुई, किन-किन विभागों से भुगतान लिया गया और संबंधित राशि का वास्तविक भुगतान कहां किया गया?
मीडिया प्रतिनिधियों ने इन सभी बिंदुओं की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।
पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की दस्तावेजी जांच, संबंधित विभागों से भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच, विज्ञापन बिलों एवं भुगतान रसीदों का सत्यापन तथा संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज करने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि पत्रकारों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर प्रशासन किस स्तर की जांच कराता है और कथित 32–35 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े पूरे मामले की वास्तविकता कब सामने आती है।
