
प्रशासन के नियमों को ठेंगा दिखाता अवैध प्लाट नोटिस की अवहेलना होने के बाद भी प्रशासन नहीं कर रही है कोई वैधानिक कार्यवाही
मूलभूत सुविधाओं से वंचित *
स्वर्ण वाटिका :-
मुंगेली पंडरिया रोड पर वार्ड क्रमांक 13 अम्बेडकर वार्ड खसरा नंबर 773/1 रकबा 2.314 हेक्टेयर जो कि पेट्रोल पंप के पीछे हो रहे अवैध प्लाटिंग को लेकर एक बार फिर से आम लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है

खास बिंदु – बन रहे प्लाट पर किसी प्रकार की सुविधा भी देखने को नहीं मिली है जैसे पानी बिजली नाली गार्डन आदि साथ ही लोगों को गुमराह कर भू खण्डों को बेचा जा रहा है
कुछ महीने पहले ही प्रशासन प्लाटिंग करने वालों को सख्त हिदायत दिया था कि पहले आप लोग छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 ग़ एवं 339 घ तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी कॉलोनी विकास संबंधी नियमों का पालन आवश्यक है

इसी परिपालन में मुंगेली नगर पालिका ने स्वर्ण वाटिका के नाम से प्लाटिंग कर रहे 4 लोगों को नोटिस भेजा था कि 15 दिवस के अंदर समस्त निर्माण कार्य एवं विकास कार्य पूर्णतः बंद कर निर्मित संरचना को हटा लेवें तथा भू खण्डों का विक्रय ना करें
न
प्रशासन के नियमों को ठेंगा दिखाता अवैध प्लाट
मूलभूत सुविधाओं वंचित *
स्वर्ण वाटिका :-
मुंगेली पंडरिया रोड पर वार्ड क्रमांक 13 अम्बेडकर वार्ड खसरा नंबर 773/1 रकबा 2.314 हेक्टेयर जो कि
पेट्रोल पंप के पीछे हो रहे अवैध प्लाटिंग को लेकर एक बार फिर से आम लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है
खास बिंदु – बन रहे प्लाट पर किसी प्रकार की सुविधा भी देखने को नहीं मिली है जैसे पानी बिजली नाली गार्डन आदि साथ ही लोगों को गुमराह कर भू खण्डों को बेचा जा रहा है
कुछ महीने पहले ही प्रशासन प्लाटिंग करने वालों को सख्त हिदायत दिया था कि पहले आप लोग छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 ग़ एवं 339 घ तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी कॉलोनी विकास संबंधी नियमों का पालन आवश्यक है
इसी परिपालन में मुंगेली नगर पालिका ने स्वर्ण वाटिका के नाम से प्लाटिंग कर रहे 4 लोगों को नोटिस भेजा था कि 15 दिवस के अंदर समस्त निर्माण कार्य एवं विकास कार्य पूर्णतः बंद कर निर्मित संरचना को हटा लेवें तथा भू खण्डों का विक्रय ना करें

नगर पालिका ने यह भी स्पष्ट कहा था कि निर्धारित समय सीमा में पालन नहीं होने की स्थिति में बगैर अतिरिक्त सूचना के नगर पालिका के द्वारा अवैध प्लाटिंग अवैध कॉलोनी स्थल पर किए गए समस्त निर्माण संरचना जैसे कि रोड प्लाट तथा अन्य निर्माण कार्य को नियमानुसार कार्यवाही करते हुए पूर्णतः ध्वस्त करते हुए निर्माण कार्य में लगे सभी समानों को जप्त कर लिया जायेगा एवं आप लोगों के ऊपर विधि अनुसार
FIR दर्ज कराने की कार्यवाही के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन समय उपरांत नगर पालिका द्वारा उक्त प्लाटिंग पर जाकर बिना कोई कार्यवाही किए वापस लौट गए साथ ही विभाग ने संबंधित अवैध प्लाटिंग कर रहे राधेश्याम राजपूत, वीरेंद्र कुमार सोनी, प्रदीप सिंह, अरविंद देवांगन के ऊपर सिटी कोतवाली मुंगेली को FIR के लिए पत्र भेजा था लेकिन कोतवाली मुंगेली के तरफ से अभी तक किसी भी प्रकार का कोई कानूनी कार्रवाई नहीं किया गया है और ना ही खुद नगर पालिका किसी भी प्रकार का उक्त प्लाटिंग स्थल पर निर्माण कार्य को बंद कराया है और ना ही किसी प्रकार से कोई जप्ती की कार्रवाई की है
अब सवाल यह उठता है कि जब शासन प्रशासन दोनों यह नियम खुद बनाए हैं और प्लाटिंग करने वालों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नियम का परिपालन करना आवश्यक है फिर स्वर्ण वाटिका को नोटिस जारी करने के बाद भी प्रशासन इस अवैध कॉलोनी पर इतना मेहरबान क्यों इनके मालिकों के ऊपर FIR क्यों नहीं और ना ही कोइ जमीनी कार्यवाही- संदेह के घेरे में शासन प्रशासन – ??
गर पालिका ने यह भी स्पष्ट कहा था कि निर्धारित समय सीमा में पालन नहीं होने की स्थिति में बगैर अतिरिक्त सूचना के नगर पालिका के द्वारा अवैध प्लाटिंग अवैध कॉलोनी स्थल पर किए गए समस्त निर्माण संरचना जैसे कि रोड प्लाट तथा अन्य निर्माण कार्य को नियमानुसार कार्यवाही करते हुए पूर्णतः ध्वस्त करते हुए निर्माण कार्य में लगे सभी समानों को जप्त कर लिया जायेगा एवं आप लोगों के ऊपर विधि अनुसार
FIR दर्ज कराने की कार्यवाही के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन समय उपरांत नगर पालिका द्वारा उक्त प्लाटिंग पर जाकर बिना कोई कार्यवाही किए वापस लौट गए साथ ही विभाग ने संबंधित अवैध प्लाटिंग कर रहे राधेश्याम राजपूत, वीरेंद्र कुमार सोनी, प्रदीप सिंह, अरविंद देवांगन के ऊपर सिटी कोतवाली मुंगेली को FIR के लिए पत्र भेजा था लेकिन कोतवाली मुंगेली के तरफ से अभी तक किसी भी प्रकार का कोई कानूनी कार्रवाई नहीं किया गया है और ना ही खुद नगर पालिका किसी भी प्रकार का उक्त प्लाटिंग स्थल पर निर्माण कार्य को बंद कराया है और ना ही किसी प्रकार से कोई जप्ती की कार्रवाई की है
अब सवाल यह उठता है कि जब शासन प्रशासन दोनों यह नियम खुद बनाए हैं और प्लाटिंग करने वालों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नियम का परिपालन करना आवश्यक है फिर स्वर्ण वाटिका को नोटिस जारी करने के बाद भी प्रशासन इस अवैध कॉलोनी पर इतना मेहरबान क्यों इनके मालिकों के ऊपर FIR क्यों नहीं और ना ही कोइ जमीनी कार्यवाही- संदेह के घेरे में शासन प्रशासन – ??
