
नगर पालिका विवाद पीआईसी गठन को लेकर अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस के बाद सियासी बयानबाजी तेज
मुंगेली। नगर पालिका परिषद में चल रहे विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है। प्रेस वार्ता के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए वक्ता ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत दिया गया है और इसका जवाब तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
पीआईसी गठन को लेकर विवाद : नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत पीआईसी (स्थायी समिति) का गठन समयसीमा के भीतर किया जाना आवश्यक है। जानकारी के अनुसार 13 मार्च 2025, 12 जनवरी 2026 और 27 जनवरी 2026 को पीआईसी गठन की प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन पार्षदों के त्यागपत्र और वैधानिक कारणों के चलते यह मान्य नहीं हो सका। इसके बावजूद परिषद की कार्यवाही जारी रहने पर सवाल खड़े किए गए हैं।
- मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने प्रदेश सरकार पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें जानबूझकर नियमों के जाल में फंसाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से नगर की सेवा करते आ रहे हैं और जनता के आशीर्वाद से पहले पार्षद और फिर अध्यक्ष बने। उनके अनुसार, सत्तापक्ष अब तक अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पाया है, इसलिए राजनीतिक दुर्भावना से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। शुक्ला ने PIC बैठक नहीं लेने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि उनके कार्यकाल में नियमित रूप से बैठकों का आयोजन हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा जारी नोटिस का जवाब समय रहते दे दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में नगर विकास के लिए कई योजनाओं को स्वीकृति मिली और वे खुद जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रमों में शामिल रहे हैं। सख्त लहजे में शुक्ला ने कहा कि वे इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता है और वे हर परिस्थिति में नगरवासियों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः सच की जीत होगी।
- वही मामले पर भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी ने कहा कि मुंगेली जिले के नगर पालिका परिषद में विपक्ष के अध्यक्ष के द्वारा नगर विकास के कार्यों पर ध्यान नहीं दिया गया और अपने कार्यकाल में सिर्फ सत्तापक्ष और हमारे नेताओं की कमियां निकालने में ही व्यस्त रहे वही उन्होंने कहा कि उनको जो राज्य सरकार के द्वारा नोटिस भेजा गया है उसे उनके द्वारा राजनीतिक दुर्भावना बता रहे हैं जबकि उन्हें मालूम नहीं है कि भाजपा किसी के साथ दुर्भावना नहीं रखती बल्कि सबके साथ,सबका विकास की बात करते हुए कार्य करते हैं
- वही नगर पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में हमारे नेता उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी के द्वारा नगर के विकास को पहली प्राथमिकता देते हुए करोड़ों रुपयों की राशि स्वीकृत की है वही नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला के द्वारा सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर लगातार हमारी सरकार को घेरने का ही कार्य किया है आज जब उन्हें उनके ही कमियों के चलते राज्य सरकार के द्वारा नोटिस जारी किया गया है उसको लेकर भी हमारे नेताओं को जिम्मेदार ठहरा रहे है जो कि अनुचित है
स्थिति पर सबकी नजर : नगर पालिका में जारी यह विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी के बीच उलझता जा रहा है। आने वाले दिनों में नोटिस के जवाब और प्रशासन के रुख पर इस पूरे मामले की दिशा तय होगी।

